Repo Rate In Hindi | रेपो रेट

हम हमेशा repo rate के बारे में सुनते रहते है की आज रेपो रेट बड़ गया या कम हो गया। आज हम इस पोस्ट में डिटेल में रेपो रेट के बारे में हिंदी में डिस्कस करेंगे। रेपो रेट को RBI देखता है। Repo rate और reverse रेपो रेट RBI के दो टूल है जो मार्केट में कितना पैसा जाना चाहिए इसको कंट्रोल करने के लिए उपयोग किया जाता है। चलिए तो फिर हम रेपो और रिवर्स रेपो रेट के बारे में बात करते है।

What is Repo rate in hindi | रेपो रेट

रेपो रेट वो ब्याज दर है जो कोई भी बैंक rbi को देता है उधार लिए हुए पैसे पर। बैंको को rbi से पैसा उधार लेने के लिए कोलेट्रल देना पड़ता है क्योंकि कोई भी बैंक rbi से अनसिक्योर्ड लोन नहीं ले सकता है। बैंक को government securities जैसे की government bonds और treasury bills जो की आरबीआई से मान्य हो।

रेपो रेट नॉर्मल दर की तरह काम नहीं करता है क्योंकि ये एक repurchase option होता है। एक प्रकार का ये forward contract होता हैं जो बैंक और Rbi के बीच में होता है। इस में एक सीधा सा मतलब है की बैंक ये वादा कर रहा है की फ्यूचर में वो अपनी गवर्नमेंट securities को फिर से खरीद लेगा एक तय किए गए समय और तय रेपो रेट पर।

what is Repo period | रेपो पीरियड

रेपो पीरियड आम तौर पर ओवरनाइट और एक दिन का होता है। पर अब RBI ने term repo भी लॉन्च kr दिए है तो ये सात दिन का रेपो रेट होता है term repo मे।जिस में सात दिन का ब्याज देना होता है।

Functioning of Repo rate

रेपो रेट एक repurchase agreement है जिस में सेल और परचेज होती है। उधारण के लिए हम overnight repo rate ले लेते है। जैसे की एक बैंक को 10 करोड़ का लोन लेना चाहता है उस केस में बैंक को पहले 10 करोड़ की सिक्योरिटी Rbi के पास देनी पड़ेगी । जैसे ही rbi के पास securities आ जायेगी वो बैंक को लोन दे देगा उस रेपो रेट पर हो चल रही होगी। और अगले दिन बैंक उस उधार लिए पैसे को वापिस करेगा और साथ में अपनी securities को भी वापिस लेगा।

Current repo rate 6.25% है तो एक दिन का 10 करोड़ पर interest 17123 हो जायेगा। तो इस केस में उस बैंक को एक दिन के बाद 10 करोड़ 17 हजार 123 रुपए देने होंगे। अगर कोई बैंक लिए हुए पैसे को वापिस नही करता है तो RBI सिक्योरिटीज को open market में बेच सकता है तभी तो इस लोन को सिक्योर लोन कहते है।

Repo rate

Reverse Repo Rate 

जब कभी किसी बैंक के पास ज्यादा सरप्लस पैसा हो जाता है तो कमर्शियल बैंक अपना पैसा RBI के पास जमा कर देता है तो rbi कमर्शियल बैंक को interest देगा इस को ही reverse repo rate कहते है। इस में भी कोलेटरल रखी जाती है इस केस में बैंक RBI कोलेटरल देता है बैंक को और बैंक ये वादा करता है की तय किए गए समय पर वो इस securities को RBI को वापिस देगा। इस में जो एग्रीमेंट होता है उसे Reverse repurchase option agreement। 

what is Reverse repo rate period 

Reverse repo rate आम तौर पर ओवरनाइट और एक दिन का होता है। पर अब RBI ने term repo भी लॉन्च kr दिए है तो ये सात दिन का रेपो रेट होता है term repo मे।जिस में सात दिन का ब्याज देना होता है।

Function of reverse repo rate

रिवर्स रेपो रेट Reverse repurchase option agreement। है जिस में सेल और परचेज होती है। उधारण के लिए हम overnight reverse रेपो रेट ले लेते है। जैसे की एक बैंक 10 करोड़ रुपए RBI को देता है। इस केस में RBI बैंक को 10 करोड़ का कोलेटरल या गवर्नमेंट सिक्विटीज देगा और बैंक ये वादा करेगा की वो तय किए गए reverse रेपो रेट period पर वो सिक्योरिटीज को फिर से rbi को सेल करेगा।

तय किए गए समय पर rbi बैंक से लिए पैसे वापिस करेगा जो इस टाइम पर रिवर्स रेपो रेट चल रही होगी। अगर हम उदाहरण के लिए 10 करोड़ रुपए लेते है और अगले दिन RBI उस उधार लिए पैसे को वापिस करेगा और साथ में अपनी securities को भी वापिस लेगा। Current reverse repo rate 3.35% है।तो एक दिन का 10 करोड़ पर interest 9178 हो जायेगा। तो इस केस में RBI को एक दिन के बाद 10 करोड़ 9 हजार 178 रुपए कमर्शियल बैंक को देने होंगे। 

How RBI control the Money inflation in market

आज कल january 2023 Repo rate 6.25% is and reverse रेपो रेट is  3.35% । इस टाइम हम मन लेते है की मंहगाई ज्यादा है तो इस केस में rbi repo rate और reverse Repo rate को बड़ा देगा। इसको एक उदहारण से समझते है जैसे अभी Repo Rate 6.25% है और reverse repo rate 3.35% है। जब rbi दोनो रेट को बढ़ा देगा तो उस केस में बैंक्स को rbi से पैसा ज्यादा इंटरेस्ट पर मिलेगा जिस से बैंक्स भी आगे लोगों को ज्यादा इंटरेस्ट पर loan देंगे इस से होगा ये की लोग loans कम लेंगे।

जब लोग लोन कम लेंगे तो उनकी spending कम होगी। जब spending कम होगी तो goods demand कम होगी और जब goods demand कम होगी तो रेट्स नीचे आयेंगे। और जब रेट्स नीचे आयेंगे तो automatic inflation कम हो जायेगी। ऐसी में जब reverse repo rate ज्यादा होगी तो बैंक्स ज्यादा पैसा rbi ke पास जमा करेंगे।  अगर हम दूसरा केस ले जिस में inflation कम है और अब rbi market में growth लाना चाहता है तो rbi Repo Rate और reverse repo rate दोनो को कम कर देगा। इसी तरह Rरेपो रेट or reverse रेपो रेट ko ऊपर नीचे कर के RBI controls inflation in the market।

तो आज हमने  Repo rate and reverse repo rate के बारे में जाना इस में हमने जाना की rbi किस तरह मार्केट में पैसे का flow बनाए रखने के लिए Repo Rate and reverse repo rate ka इस्तेमाल करता है। हम आशा करते है की आपको ये दोनों टॉपिक अच्छे से समझ आ गय होंगे। अगर आपका फिर भी कोई डाउट है तो आप contact us कर सकते है। और हिंदि जानकारि के लिये localhindi पर जाये।

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