महिलाएं इस दिन उपवास करती हैं, सुबह से लेकर रात्रि तक बिना भोजन पानि के

सागिनी धारण: सागिनी वह पत्नी है जिसकी पति जीवित है, जिसे व्रत की उपासना करनी होती है

पूजा-अर्चना: संध्या के समय महिलाएं पूजा-अर्चना करती हैं, चाँदनी, कुमकुम और श्रृंगार सामग्रियों सहित

कथा सुनाना: करवा चौथ की कथा सुनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें व्रती स्त्री भाग्यशाली जिंदगी की कामना करती है

चाँद पूजा: रात्रि में चाँद की पूजा करनी होती है, जिसमें चाँद को अर्घ्य दिया जाता है

सम्मान और प्रेम: पति की प्रतिष्ठा और प्रेम का महत्व विशेष रूप से इस दिन महत्वपूर्ण हैं

समृद्धि की प्रार्थना: पत्नी अपने पति की समृद्धि और दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं

चंदनी अर्घ्य: पति द्वारा पत्नी को पानी से चंदनी देना भी एक प्रमुख परंपरागत रिवाज है

आशीर्वाद: व्रत समाप्त होने पर पति अपनी पत्नी को आशीर्वाद देते हैं और उनका ध्यान रखते हैं

सजीव व्रत: यह व्रत स्त्री के पति की दीर्घायु और खुशहाल जिंदगी की कामना को साक्षात्कार करने का माध्यम है