अयोध्या राम मन्दिर का उदघाटन 22 जनवरी 2024 को हो रहा है जबकि समारोह की शुरुवात 16 जनवरी से ही हो जायेगी

राम मंदिर नागर शैली से बनाया जा रहा है मंदिर की लंबाई 380 फीट और चौड़ाई 250 फीट है जिसकी ऊंचाई 161 फीट होगी।

राम मंदिर की जमीन 70 एकड़ है जिस में से 2.5 एकड़ में मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर के चारों ओर 732 मीटर लंबी चार दिवारी बनाई गई है

मंदिर में 44 द्वार और 392 पिलर्स है। मुख गर्व गृह में प्रभु श्री राम का बालस्वरूप होगा वहीं पहले तल पर श्री राम जी का दरबार होगा

मंदिर के नीचे 200 फीट गहराई में एक टाइम कैप्सूल दबाया गया है जिस से भविष्य में अगर कई सौ सालों के बाद मंदिर के बारे में जानकारी लेनी हो तो ली जा सकती है

मंदिर में प्रयोग होने वाली ईंटों पर श्री राम अंकित किया गया है। मंदिर का निर्माण बिना किसी लोहे के इस्तेमाल से किया गया है

राम मंदिर का डिजाइन सोमपुरा आर्किटेक्स के द्वारा किया गया है इनका परिवार हजारों सालों से मंदिरों का निर्माण करवा रहे है

मंदिर में एक साथ 10 हजार से अधिक राम भक्त एक साथ भगवान श्री राम के दर्शन कर सकेंगे। पूरा मंदिर वास्तु शास्त्र के अनुसार बनाया गया है

मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बनाया जायेगा जिस में स्टील या लोहे का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त तांबा, लकड़ी और सफेद सीमेंट का प्रयोग किया जाएगा

मंदिर को भूकम जॉन को ध्यान में रख कर बनाया गया है जो 8 से 10 रिक्टर स्केल तक के भूकंप को सहन कर सकता है

राम मंदिर की नीव बनाने के लिए 2587 पवित्र स्थानों से मिट्टी लाई गई है। यह मंदिर भारत का सबसे बड़ा मंदिर होने जा रहा है