धारा 279 सार्वजनिक सड़क पर लापरवाही से गाड़ी चलाना | Section 279 IPC In Hindi

279 ipc – आज अगर देखा जाए तो हर घर में कोई न कोई वाहन जरूर होता है। सभी घरों में वाहन होना स्वाभाविक भी है क्योंकि ये मशीन का युग है और सब काम आज कल मशीन से किए जाते है। जब हमारे घर में वाहन है तो हमे वाहनों के कानून और रूल्स भी पता होने चाहिए। 279 आईपीसी एक वाहन से रिलेटेड धारा है। इस धारा के अनुसार जो भी किसी सार्वजनिक रोड पर लापरवाही या बहुत अधिक स्पीड में वाहन को चलाता है जिस से किसी को कोई नुकसान होने की संभावना हो तो चलाने वाले को क्या सजा मिलेगी इस के बारे में बताता है।

आज हम इस लेख के माध्यम से इस धारा 279 के बारे में डिटेल से जानेंगे जैसे की ये धारा कब लागू होती है, क्या सजा मिलेगी, कैसे बचा जा सकता है, जमानत होगी या नहीं। चाहिए तो डिस्कशन शुरू करते है।

धारा 279 | 279 Ipc In hindi

279 ipc गैर जिमेदाराना ढंग से वाहन को चलाने से संबंधित है। जब कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक रोड पर लापरवाही या हाई स्पीड से वाहन को चला रहा हो जिस से इस तरह वाहन चलने से आस पास के लोगों को कोई जानमाल या किसी चोट की संभावना हो तो चालक पर 279 ipc  के अनुसार मुकदमा दर्ज किया जाएगा और इस धारा के अनुसार ही उसे सजा या जुर्माना होगा। आसान शब्दों में कहें तो ये धारा rash driving करने वालो को क्या सजा मिलेगी उसके बारे में बताती है।

धारा 279 की मुख्य बातें

  1. ये धारा तब लगती है जब सार्वजनिक स्थान पर कोई व्यक्ति तय की गई स्पीड लिमिट से ज्यादा पर गाड़ी चला रहा हो जिस से किसी को जानमाल का नुकसान हुआ हो या किसी प्रकार की हानि की संभावना हो।
  2. अगर गाड़ी स्पीड लिमिट में चल रही हो पर फिर भी चालक की लापरवाही या ध्यान भंग हो जाने के कारण किसी को कोई नुकसान हो जाता है उस पर भी धारा लागू होगी। 

279 ipc

सजा| Punishment in 279 ipc

अगर किसी पर इस धारा 279 से मुकदमा दर्ज होता है तो उस व्यक्ति को ज्यादा ज्यादा से 6 महीने की सजा या 1000 रूपए  का जुर्माना हो सकता है। 

जमानत | Is 279 ipc bailable 

धारा 279 का अपराध एक संज्ञेय अपराध की क्षेणी में आता है पर फिर भी इस में जमानत मिल जाती है। यह किसी भी मेजिस्ट्रेट के पास विचारणीय है। केस दर्ज होने के बाद इस में समझौता नहीं किया जा सकता। 

279 आईपीसी से कैसे बचे | How to avoid 279 IPC

अगर आप से गलती से किसी सार्वजनिक रोड पर एक्सीसिडेंट हो गया हो और किसी को कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ हो तो आप मौके पर ही बिना पुलिस के ही उस व्यक्ति जिस का नुकसान हुआ हो बात कर के उसका नुकसान भर के समझौता कर सकते है जैसे उसके नुकसान के पैसे उसे दे कर। क्युकी जब केस हो जाता है तो आपको कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और दोनो पक्षों को परेशानी होगी। हो सके तो अपनी गाड़ी में फ्रंट कैमरा लगवाए जो एक सबूत होता आपको अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए।

क्या करें अगर आप पर धारा 279 लग गई हो। What to do if section 279 has been imposed on you

  1. किसी अच्छे वकील के पास जाए और उसे अपने केस की लिए हायर करें। 
  2. हमेशा वकील की सलाह माने।
  3. अगर आपको लगता है की आपकी ज्यादा गलती नही थी कोई खुद आगे आ गया तो हो सके वहां लगे किसी कैमरे की फुटेज अपने बचाव के लिए इस्तेमाल करें।
  4. पुलिस का पूर्ण रूप से सहयोग करें।
  5. और सबसे महत्पूर्ण बात भागे नहीं।

279 ipc

यह सब Section 279 IPC In Hindi के बारे में है, हमें उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा। यदि आपको कोई संदेह है तो कृपया बेझिझक हमें टिप्पणी करें। यदि आप पर 279 ipc लगाई गई है तो कृपया यथाशीघ्र अपने स्थानीय वकील से संपर्क करें। वकील मामले में आपका उचित मार्गदर्शन करेगा। अधिक आईपीसी अनुभाग पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट localhindi.com पर जाएं|

FAQ 

Q.1 Rash ड्राइविंग में कोन सी धारा लगती है | Which IPC section is applicable for rash driving?

Ans. रैश ड्राइविंग में धारा 279 लगती है।

Q.2 धारा 279 कब लगती है | When does Section 279 apply?

Ans. जब कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक रोड पर लापरवाही या हाई स्पीड से वाहन को चला रहा हो जिस से इस तरह वहां चलने से आस पास के लोगों को कोई जानमाल या किसी चोट की संभावना हो |

Q3. धारा 279 जमानतीय है | Is section 279 is bailable

Ans.  हाँ यह जमानती है

Q.4 लापरवाही से गाड़ी चलाने पर सज़ा क्या सजा है | What is the punishment for rash driving?

Ans. अगर आप पर धारा 279 लगाई जाती है तो आपको 6 महीने तक की जेल या 1000 का जुर्माना हो सकता है

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